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January 31, 2015

संतोष में है सच्चा सुख

एक ग़ुलाम था एक दिन वह काम पर नहीं गया.मालिक ने सोचा इस कि तन्खोआह बढ़ा दी जाये तो यह और दिल्चसपी से काम करेगा.अगली बार जब उस को तन्खोआह...
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पंडितजी को ज्ञान बोध

एक पंडित जी थे। उन्होंने एक नदी के किनारे अपना आश्रम बनाया हुआ था। पंडित जी बहुत विद्वान थे। दूर-दूर तक उनकी ख्याति थी और...
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